Gold Price Down Today: भारतीय सर्राफा बाजार में जून की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। India Bullion and Jewellers Association यानी IBJA के अनुसार 1 जून को Gold Price में हल्की कमी देखने को मिली, जिससे निवेशकों और ज्वैलरी खरीदने वालों को थोड़ी राहत मिली है।
वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में सोने की कीमतें दबाव में बनी हुई हैं। 24 Carat Gold की कीमत में गिरावट के बाद यह अब लगभग ₹155,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं Silver Price भी गिरकर ₹263,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है।
हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार बदलते बाजार संकेतों के बीच यह निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट माना जा रहा है।
IBJA Gold Rate क्या होता है और क्यों है महत्वपूर्ण

IBJA यानी India Bullion and Jewellers Association भारत में सोने और चांदी की कीमतों का प्रमुख स्रोत माना जाता है। यह संस्था सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक सुबह और शाम दो बार Gold Rate जारी करती है।
IBJA द्वारा जारी किए गए रेट पूरे देश में मान्य होते हैं, हालांकि इनमें GST और Jewellery Making Charges शामिल नहीं होते। जब ग्राहक ज्वैलरी खरीदते हैं तो उन्हें इन अतिरिक्त खर्चों का भुगतान करना पड़ता है।
IBJA Gold Rate को Wholesale Market का आधार माना जाता है और इसी के आधार पर देशभर के सर्राफा बाजार में कीमतें तय होती हैं। यही कारण है कि यह आंकड़े निवेशकों और व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
Gold Price Today में कितना बदलाव हुआ
1 जून को सुबह के कारोबार में 24 Carat Gold यानी 999 प्योरिटी गोल्ड की कीमत ₹155,599 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। शाम तक इसमें हल्की गिरावट देखी गई और यह ₹155,536 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
23 Carat Gold की कीमत ₹154,913 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। वहीं 22 Carat Gold, जो भारत में सबसे ज्यादा ज्वैलरी बनाने के लिए उपयोग होता है, उसकी कीमत ₹142,471 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
18 Carat Gold की कीमत गिरकर ₹116,652 प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 14 Carat Gold ₹90,989 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।
इन आंकड़ों से साफ है कि Gold Market में फिलहाल दबाव बना हुआ है और कीमतों में हल्की कमजोरी जारी है।
Silver Price Today में भी गिरावट दर्ज
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। Silver Price अब ₹263,000 प्रति किलोग्राम पर आ गया है।
चांदी का उपयोग न केवल ज्वैलरी में बल्कि इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक उत्पादों में इसका इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी कीमतें वैश्विक मांग और सप्लाई पर काफी निर्भर करती हैं।
हालिया गिरावट से चांदी खरीदने वालों को राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Gold Price Down होने के पीछे मुख्य कारण
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण जिम्मेदार माने जाते हैं। वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां Gold Price को प्रभावित करती हैं।
जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है क्योंकि गोल्ड की कीमत डॉलर में तय होती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में डिमांड और सप्लाई का संतुलन भी कीमतों को प्रभावित करता है।
भारत में भी इंपोर्ट ड्यूटी, टैक्स स्ट्रक्चर और घरेलू मांग Gold Price को प्रभावित करते हैं। शादी और त्योहारों के सीजन के बाद कई बार मांग में गिरावट आने से भी कीमतों पर असर पड़ता है।
इसके अलावा निवेशकों का रुझान भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण होता है।
अलग-अलग Carat Gold की शुद्धता और उपयोग

Gold को उसकी शुद्धता के आधार पर अलग-अलग Carat में बांटा जाता है।
24 Carat Gold को सबसे शुद्ध माना जाता है जिसमें 99.9 प्रतिशत सोना होता है। यह मुख्य रूप से निवेश के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन इसकी कोमलता के कारण इससे ज्वैलरी कम बनाई जाती है।
22 Carat Gold में 91.67 प्रतिशत सोना और बाकी अन्य धातुएं होती हैं। भारत में अधिकांश ज्वैलरी इसी से बनाई जाती है क्योंकि यह मजबूत और टिकाऊ होता है।
20 Carat Gold में 83.33 प्रतिशत शुद्धता होती है और इसका उपयोग विशेष डिजाइन वाली ज्वैलरी में किया जाता है।
18 Carat Gold में 75 प्रतिशत शुद्धता होती है और यह अधिक मजबूत होता है, लेकिन इसे निवेश के लिए कम उपयुक्त माना जाता है।
14 Carat Gold में शुद्धता और भी कम होती है और इसका उपयोग फैशन ज्वैलरी में अधिक किया जाता है।
Gold Investment के लिए सही समय क्या है
सोना हमेशा से Safe Investment माना जाता है। जब भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं।
हालांकि शॉर्ट टर्म में Gold Price में उतार-चढ़ाव होता रहता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह एक मजबूत निवेश विकल्प साबित होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में गिरावट के समय सोना खरीदना बेहतर रणनीति हो सकती है क्योंकि भविष्य में इसकी कीमत बढ़ने की संभावना रहती है।
इसलिए निवेशक अक्सर गिरावट के समय खरीदारी करना पसंद करते हैं ताकि लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिल सके।
IBJA Gold Rate का बाजार पर असर
IBJA द्वारा जारी किए गए Gold Rate का असर पूरे देश के सर्राफा बाजार पर देखने को मिलता है। चाहे बड़े शहर हों या छोटे कस्बे, सभी जगह इन्हीं रेट्स के आधार पर कारोबार होता है।
हालांकि रिटेल बाजार में GST और मेकिंग चार्ज जुड़ने के कारण अंतिम कीमत थोड़ी अधिक होती है, लेकिन बेस रेट IBJA ही तय करता है।
इसी वजह से निवेशक और ज्वैलर्स दोनों ही IBJA रेट पर नजर बनाए रखते हैं।
जून की शुरुआत में Gold Price और Silver Price दोनों में हल्की गिरावट देखने को मिली है। 24 Carat से लेकर 14 Carat तक सभी कैटेगरी में मामूली कमी दर्ज की गई है, जिससे बाजार में थोड़ी राहत का माहौल बना है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की स्थिति के आधार पर Gold Price में फिर से बदलाव संभव है।
यदि आप सोने में निवेश या ज्वैलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो मौजूदा गिरावट आपके लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है क्योंकि लंबी अवधि में सोना हमेशा एक मजबूत संपत्ति माना गया है।
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