World War Tension : अमेरिका के दावे पर ईरान का पलटवार, युद्ध और बढ़ने के संकेतमध्य पूर्व में जारी US-Israel-Iran conflict लगातार गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह माना जा रहा है कि यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रह सकता है।
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन ईरान ने इस दावे को सख्ती से खारिज कर दिया है।
ट्रंप का बयान युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद

अमेरिकी नेता Donald Trump ने सोमवार को भारतीय समयानुसार सुबह करीब तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि यह युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर संघर्ष दोबारा तेज होता है तो ईरान को पहले से अधिक तीव्र हमलों का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए सैन्य हमलों ने अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्ध समाप्त होने की कोई निश्चित समयसीमा क्या होगी।
ईरान पर संभावित हमले को लेकर ट्रंप का दावा
World War Tension: अपने बयान में ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ने पहले हमला नहीं किया होता तो ईरान एक सप्ताह के भीतर अमेरिका पर हमला कर सकता था।
उनके अनुसार ईरान के पास बड़ी संख्या में मिसाइलें मौजूद हैं और वह अमेरिका, इज़राइल और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा था। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
ईरान का जवाब युद्ध का फैसला हम करेंगे

ट्रंप के बयान के बाद ईरान की ओर से भी कड़ा जवाब सामने आया है। ईरान की प्रमुख सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps ने कहा कि युद्ध कब समाप्त होगा इसका फैसला अमेरिका नहीं बल्कि ईरान करेगा।
आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि क्षेत्रीय हालात और भविष्य अब ईरानी सशस्त्र बलों के हाथ में है और अमेरिकी सेना यह तय नहीं कर सकती कि यह संघर्ष कब समाप्त होगा।
संघर्ष के ग्यारहवें दिन भी जारी हैं हमले
मौजूदा समय में US-Israel-Iran war अपने ग्यारहवें दिन में पहुंच चुका है। इस दौरान इज़राइल ने सोमवार को मध्य ईरान में कई नए हमले किए हैं।
इन हमलों में Islamic Revolutionary Guard Corps के कमांड सेंटर, मिसाइल ठिकानों और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। इन हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से वैश्विक चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए इस युद्ध को रोका जा सकेगा या फिर यह संघर्ष और बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकता है।
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